टियूकरी के धीरज जरियाल बने लेफ्टिनेंट

ज्वाली (कांगड़ा)। उपमंडल ज्वाली के अंतर्गत पलोहड़ा पंचायत के गांव टियूकरी निवासी धीरज जरियाल ने सेना में लेफ्टिनेंट चयनित होकर अपने माता-पिता सहित क्षेत्र का नाम प्रदेशभर में हासिल किया है। धीरज के पिता उपदेश सिंह सेना से बतौर ऑनररी कैप्टन सेवानिवृत्त हुए हैं, जबकि माता अनीता जरियाल गृहिणी हैं। मध्यम वर्गीय परिवार से संबंध रखने वाले धीरज जरियाल ने यह मुकाम हासिल करके अपने माता-पिता का सपना साकार किया है। धीरज जरियाल का जन्म 4 सितंबर 1998 को टियूकरी में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय तेजपुर से हासिल की, उसके बाद जमा दो की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय अमृतसर तथा डीएवी कॉलेज अमृतसर से इनफोर्मेशन टेक्नोलॉजी में स्नातक की डिग्री हासिल की। थापर इंस्टीट्यूट पटियाला में एमबीए की शिक्षा प्राप्त करते हुए मार्च 2012 में सीडीएस का टेस्ट उत्तीर्ण करने के बाद आईएमए अकादमी देहरादून से पास आउट हुए। उन्होंने अपनी इस कामयाबी के पीछे अपने माता-पिता के साथ-साथ अपने नाना स्व. कै. युद्धवीर सिंह गुलेरिया का हाथ बताया है।

भरमाड़ के अभिषेक बने लेफ्टिनेंट
अमर उजाला ब्यूरो
ज्वाली(कांगड़ा)। उपमंडल ज्वाली के अंतर्गत भरमाड़ निवासी अभिषेक चौधरी ने सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अपने माता-पिता सहित प्रदेशभर में रोशन किया है। मध्यम वर्गीय परिवार से संबंध रखने वाले अभिषेक चौधरी का बचपन से ही सेना में चयनित होकर देशसेवा करने का सपना रहा है, जिसको उन्होंने साकार कर दिखाया है। आईएमए देहरादून से पास आउट होकर रविवार को अभिषेक अपने गृहक्षेत्र भरमाड़ पहुंचे, जहां माता-पिता सहित परिजनों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। अभिषेक के पिता गुरचरण सिंह शिक्षा विभाग में बतौर लेक्चरर सेवानिवृत्त हुए हैं तथा माता सुनीता गृहिणी हैं। अभिषेक ने दसवीं तक की शिक्षा आर्मी स्कूल कंदरोड़ी, जमा दो की शिक्षा मॉडल स्कूल चंडीगढ़ से हासिल की है तथा पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से मेकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की शिक्षा हासिल की। सीडीएस की परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत आईएमए देहरादून से पास आउट हुए। आईएमए देहरादून में उन्हें बेस्ट मिल्टरी जियोग्राफी’ का पुरस्कार भी मिला था।

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